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भम्भेवा रेलवे स्टेशन के पास हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन की टेस्टिंग शुरू

दूसरे इंजन से जोड़कर लाया गया था हाइड्रोजन इंजन तीन-चार दिन भम्भेवा स्टेशन के पास ही होगा ट्रायल

Satyakhabarindia

 

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Hydrogen Train : जींद-सोनीपत रेलवे ट्रैक पर गांव भंभेवा के पास हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। हाइड्रोजन इंजन को एक दूसरे डीजल इंजन से जोड़कर सुरक्षित तरीके से भम्भेवा स्टेशन तक पहुंचाया गया था। यह पूरी प्रक्रिया तय मानकों के तहत की गई, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या सुरक्षा संबंधी परेशानी न हो। कहा जा रहा है कि अभी तक सब कुछ ठीक चल रहा है।
जानकारी के अनुसार भम्भेवा स्टेशन के आसपास अगले तीन से चार दिनों तक हाइड्रोजन ट्रेन इंजन का ट्रायल किया जाएगा। इस दौरान इंजन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की जाएगी। ट्रायल के समय रेलवे की तकनीकी टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और हर पहलू पर निगरानी रखेंगे।

रेलवे सूत्रों का कहना है कि हाइड्रोजन ट्रेन भविष्य की पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा है। डीजल और पेट्रोल से चलने वाली ट्रेनों की तुलना में हाइड्रोजन ट्रेन प्रदूषण रहित है और इससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इसी कारण इस परियोजना को लेकर रेलवे प्रशासन काफी सतर्कता बरत रहा है।

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ट्रायल के दौरान आसपास के रेलवे ट्रैक, सिग्नल व्यवस्था और स्टेशन परिसर की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। रेलवे ने आम लोगों से भी अपील की है कि ट्रायल के समय रेलवे ट्रैक के आसपास न जाएं और नियमों का पालन करें।
सफल ट्रायल के बाद हाइड्रोजन ट्रेन को नियमित संचालन की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया जाएगा। उम्मीद है कि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहेगा और आने वाले समय में हाइड्रोजन ट्रेन यात्रियों के लिए एक नई और सुरक्षित सुविधा साबित होगी।
हाइड्रोजन ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन में करीब 180 किलोमीटर का सफर तय करने में सक्षम होगी। जींद से सोनीपत की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। ट्रेन की अधिकतम गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। संचालन से पहले सुरक्षा नियंत्रण उपकरण, स्पीड सेसर और कंट्रोल सिस्टम को अलग-अलग गति स्तरों पर परखा जाएगा, ताकि ट्रेन निर्धारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। स्टेशनरी ट्रायल के बाद रनिंग ट्रायल किया जाएगा, जिसमें अभी कुछ और समय लग सकता है।

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